गुलाबी आंखें क्यों होती है?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 15:31

जब कंजक्टिवा की छोटी-छोटी रक्त नलिकाएं सूज जाती हैं, तब ये अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगती हैं और आंखों का सफेद भाग लाल या गुलाबी दिखने लगता है। इसलिए इसे पिंक आई भी कहा जाता है। कंजक्टिवाइटिस की समस्या आंखों में बैक्टीरिया या वाइरस के संक्रमण या एलर्जिक रिएक्शन के कारण हो सकती है।

क्या हैं कारण

नवजात शिशुओं में टियर डक्ट के (अश्रु नलिका) बंद होने के कारण कंजक्टिवाइटिस की समस्या हो सकती है।

अन्य लोगों में संक्रमण, एलर्जीस, रसायनों का एक्सपोज़र इसका कारण बन सकता है।
वायरल कंजक्टिवाइटिस

इसके अधिकतर मामले एडेनोवायरस के कारण होते हैं। इसके अलावा हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस, वैरिसेला जोस्टर वायरस और अन्य वायरस जिसमें कोरोना वायरस भी सम्मिलित है, इसका कारण बन सकते है।

वायरल कंजक्टिवाइटिस अक्सर एक आंख में होता है, कुछ दिनों में दूसरी आंख में भी फैल जाता है।
बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस

कुछ बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण भी कंजक्टिवाइटिस हो जाता है। वायरस और बैक्टीरिया दोनों से ही होने वाला कंजक्टिवाइटिस संक्रामक होता है।

संक्रमित व्यक्ति की आंखों से निकलने वाले डिसचार्ज के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने के द्वारा यह फैल सकता है।

संक्रमण एक या दोनों आंखों में हो सकता है।
एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस

एलर्जी करने वाले पदार्थों जैसे परागकण आदि के संपर्क में आने पर एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस हो सकता है।
रसायनों का एक्सपोज़र

आंखे जब किसी रसायन के संपर्क में आती हैं या उनमें कोई बाहरी चीज चली जाती है तब भी कंजक्टिवाइटिस के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लेकिन आमतौर पर ये लक्षण एक दिन में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं।

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